Sunday, 7 May 2023

चुकंदर का अचार और उसके फायदे।

                                                       चुकंदर का अचार


यूं तो चुकंदर कुछ लोगो को बहुत पसंद होता है कुछ को बिलकुल नहीं, लेकिन यदि बात चटपट अचार की हो तो सब के मुह मे पनि  आ जाता है,

तो आइये जाने कैसे हम स्वाद से भरपूर चुकंदर को अपनी रोज़ की आदत मे शुमार कर सकें, जिससे उसके फायदे किसी भी रूप मे क्यू न हो मगर होते लाजवाब हैं।


सामाग्री ।

मसालेदार चुकंदर का अचार

  • 1.35 किलोग्राम ताज़े पूरे चुकंदर
  • 2 कप एप्पल साइडर सिरका या विनेगर (apple cider vinegar)
  • 2 कप पानी
  • 2 कप दानेदार चीनी
  • 3 लहसुन की कलियाँ, बीच से आधी कटी हुई
  • जब आप चुकंदर चुनें तब ध्यान रखें कि कठोर और दाग-धब्बों से रहित हों | छूने पर नर्म या चितकबरे चुकंदर अचार बनाने के लिए उचित नहीं होते | ध्यान रखें कि अच्छी गुणवत्ता वाले चुकंदरों का उपयोग करें |
  • अगर आपके चुकंदरों के साथ साग लगी हुई आई हो तो आप उसे सुरक्षित रख सकते हैं और इसे स्वादिष्ट साग के रूप में पकाकर खा सकते हैं | चुकंदर का साग काटकर और बटर या ऑलिव आयल मिलाकर बहुत स्वादिष्ट लगता है |
इनका अचार बनाने के पहले इन्हें पकाने के लिए यह ज़रूरी है और इन्हें पकाने का सबसे सामान्य तरीका है इन्हें उबलना | चुकंदरों को माध्यम आकार के पानी से भरे पात्र में रखें | अब एक उबाल लायें और फिर आंच कम कर दें | पात्र को ढँक दें और 25-30 मिनट के लिए पकने दें

इसे निकाल कर ठंडा कर के छिलका उतार ले, छोटे छोटे टुकड़ों मे कट लें।


ज़रूरी बात:-  काँच के बर्तन का इस्तेमाल करें अचार को लंबे समये तक रखने क लिए।


एक छोटे पॉट में सिरका, पानी, चीनी और लहसुन मिलाएं | एक उबाल लायें और बीच-बीच में हिलाते जाएँ और फिर आंच धीमी कर दें | इस मिश्रण को 5 मिनट तक पकने दें और फिर इसे आंच से हटा लें और पूरी तरह से ठंडा होने दें ।

आपको इससे पूरी तरह से चुकंदरों को ढँक देना चाहिए | जार को ढँक दें और रेफ्रीजिरेटर में रख दें |

कभी-कभी इस मिश्रण को हिलाते रहा करें जिससे नमक चुकंदर के हर कोने तक पहुँच जाये | 

आप इस चुकंदर के अचार को तीन महीनो तक रख के खा सकते है,

चुकंदर के सिरका वाले पनि का उपयोग भी आपके लिए लाभदायक होता है।


सुभद्रामयूर।

" MUSTARD OIL& THEIR HEALTH BENEFITS" #healthbenifits #pure #truetonature


Kachi Ghani Mustard Oil:- Has more oxidants and vitamins as compared to normal oil
Mustard Oil is found to have very low levels of artery clogging saturated fatty acid and high levels of good Omega 3 fatty acid and mono-unsaturated fatty acid.
The Kachi Ghani Mustard Oil is also widely used for cooking foods.

 key property of Kachi Ghani Mustard Oil is its essential oil content (0.25-0.35%) which acts as preservative.
 Essential oils are effective anti fungal.
They also exhibit antibacterial and anti-carcinogenic activity.
The second most important property and benefit of Kachi Ghani Mustard Oil is that it retains natural micronutrients and antioxidants present in mustard seed to the maximum extent.

 Salient features 
• Long Shelf life
• Natural flavor
• No chemical or additives Benefits of Kachi Ghani Mustard Oil
• It helps to reduce the risk of colon tumour, heart disease and reduces bad cholesterol.
• Kachi Ghani Mustard Oil, when applied externally, improves skin texture and boosts luxurious hair growth with a natural glossy finish. About Mustard Oil
• The oil makes up about 30% of the mustard seeds.
• It can be produced from black mustard (Brassica nigra), brown Indian mustard (Brassica juncea), and white mustard (Brassica hirta). • Mustard Oil has about 60% monounsaturated fatty acids of which 42% erucic acid and 12% oleic acid, it has 21% polyunsaturates of which 6% is the omega-3 alpha-linolenic acid and 15% omega-6 linoleic acid and it has 12% saturated fats (source: USDA food data base) Advantages Of Mustard Oil
• Helps making immune system strong
• Helps to stay away from coronary heart diseases
• It can be used as an antibacterial oil
• Useful for treating cough and cold
• Protects teeth from germs if rubbed on gums and make gums strong
• Organic mustard oil helps preventing cancer and is also helpful for slowing down the ageing process
• Helps preventing fungal growth, thus it can be used as anti-fungal
• Helps in winter for making body warm and generating mild irritating effect through massage on body
• Helps to detoxify human body
• Helps to reduce hair fall through improved blood circulation if it is massaged on scalp • Stimulates digestion, circulation and excretory system
• It can be used as an irritant for stimulating sensation in senseless organs and muscles • Helps stimulating sweat glands and helps lowering body temperature.

Note:-   MUSTARD OIL is very beneficial to our health ....

हरी चौलाई और उसके फायदे।

 

हरी चौलाई के साग के फायदे और बनाने की विधि

हरी सब्जियों की श्रेणी में आने वाला लाल साग यानि चौलाई. चौलाई एक ऐसा साग है जो की लाल और हरे दोनों ही रंग में आता है. यह सिर्फ एक स्वादिष्ट सब्जी है बल्कि चौलाई के फायदे इतने होते हैं जो बहुत से रोगों को ठीक कर सकते है. विटामिन सी से भरी चौलाई चौलाई दो तरह की होती है- एक सामान्य पत्तों वाली तथा दूसरी लाल पत्तों वाली.. इनमें से लाल वाली चौलाई ज्यादा फायदेमंद होती है.

 

 चौलाई को तंदुलीय भी कहते हैं

चौलाई का साग तो आपने कभी-कभार खाया ही होगा. यह सब्जी बहुत ही आसानी से मिल जाती है. यह हरी पत्तेदार सब्जी है जिसके डंठल और पत्तों में प्रोटीन, विटामिन ए और खनिज की प्रचुर मात्रा होती है. चौलाई को तंदुलीय भी कहते हैं. इसे अमरंथ भी कहते हैं. अमरंथ एक पौधा है ज‍िसकी जड़, पत्‍त‍ियां, दाने, फूल आद‍ि का इस्‍तेमाल स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं को दूर करने के ल‍िए क‍िया जाता है.

चौलाई में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, कैल्शियम और विटामिन-ए, मिनरल्स और आयरन प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं. इस सब्जी को खाने से आपके पेट और कब्ज संबंधी किसी भी प्रकार के रोग में लाभ मिलेगा. चौलाई की सब्जी का नियमित सेवन करने से वात, रक्त व त्वचा विकार दूर होते हैं.

इम्यूनिटी को करती है बूस्ट
चौलाई में भरपूर मात्रा में प्रोटिन और विटामिन सी पाया जाता है, जो हमारे शरीर में इम्यून सिस्टम को मजबूत करती है. संक्रमण रोगों से हमें बचाती है. कोरोना काल में डॉक्टर भी प्रोटीन और विटामिन सी का सेवन करने की सलाह देते हैं. कोविड-19 के समय आपके लिए चौलाई एक अच्छा विकल्प हो सकता है. 

गठिया, रक्तचाप और हृदय रोगियों के लिए बेहद फायदेमंद
चौलाई का रस गठिया, रक्तचाप और हृदय रोगियों के लिए बेहद फायदेमंद होता है. वैसे ज्यादातर लोग चौलाई की सब्जी खाना पसंद करते हैं. पेट के रोग, कब्ज और बाल गिरने पर चौलाई की सब्जी खाना लाभदायक होता है.

कब्ज होगी दूर
चौलाई के फायदे और भी तरह से मिल सकते हैं जैसे चौलाई उबाल कर इसके पानी में नमक मिला कर पीने से कब्ज दूर होती है तथा पेट दर्द में काफी आराम मिलता है.

हड्डियों की मजबूती के लिए
मज़बूत हड्डियों के लिए कैल्शियम बहुत ही आवश्यक होता है. शरीर में यदि कैल्शियम भरपूर मात्रा में हो तो हड्डियों के टूटने या फ्रैक्चर का खतरा कम होता है नाखून और दांत स्वस्थ और मज़बूत रहते हैं.

आंखो की हेल्थ के लिए बढ़िया
चौलाई में vitamin A प्रचुर मात्रा में होता है। तो यदि आपको आँखों का अच्छा स्वास्थ्य चाहिए तो चौलाई का सेवन शुरू कर दें.

चौलाई के सेवन से शरीर में इन्सुलिन का स्तर कम होता है. जिससे की पेट भरा होने का अहसास होता है. इससे हम नाश्ते और भोजन के बीच में कुछ भी नहीं खाते. यदि आप मोटापा कम करना चाहते हैं तो चलाई का सेवन शुरू कर दें.

बालों के लिए भी उपयोगी
चौलाई में लाइसिन और अमीनो एसिड होता है जो बालों की सेहत के लिए वरदान है. चौलाई के नियमित सेवन से बाल काले बने रहते है और चौलाई का ताज़ा रस सुबह शाम पीने से बाल गिरना रुक जाता है.


दस्त और डायरिया में चौलाई का सेवन काफी लाभदायक होता है. दस्त की सामंजस्य होने पर चौलाई का काढ़ा पीना चाहिए. इसे सेवन करने से दस्त रुक जाता है.

दातों के लिए फायदेमंद
दांत में दर्द हो रहा हो या मुंह में छाले हो गए हों तो इसके लिए चौलाई को पीसकर इसे दांतो पर या छाले पर जगाना चाहिए. बीच- बीच में चौलाई को पानी में उबाल कर उसके पानी से कुल्ला करने पर आराम मिलता है.

शरीर को करती है एक्टिव 
चौलाई में लाइसिन प्रचुर मात्रा में मौजूद होता है. यह कैल्शियम को अवशोषित करने में शरीर की सहायता करता है. जिससे थकान दूर होता है. आप दिन भर एनर्जेटिक महसूस करते हैं. 

 

 

चौलाई का साग रेसिपी: आमतौर पर चौलाई का साग उत्तर प्रदेश की डिश है, जिसे मक्की की रोटी या पराठे के साथ खाया जाता है। यह विटामिन ए फोलेट, विटामिन सी और आयरन का अच्छा स्रोत है।

 

चौलाई का साग की सामग्री

·         500 gms चौलाई (धोकर कटी हुई)

·         1/4 कप तेल

·         1 टी स्पून जीरा

·         1 टी स्पून अदरक, बारीक कटा हुआ

·         1 टी स्पून लहसुन

·         1 तेजपत्ता

·         1/2 कप प्याज, कद्दूकस

·         2 टी स्पून नमक

·         1/4 टी स्पून गरम मसाला

·         1/2 टी स्पून लाल मिर्च पाउडर

·         1 टी स्पून धनिया पाउडर

 

चौलाई का साग बनाने की वि​धि

1.

तेल गर्म करें और इसमें जीरा डालें। जब यह चटकने लगे तो इसमें तेजपत्ता, अदरक और लहसुन डालकर हल्का भूरा होने तक भूनें।

2.

प्याज डालें और नरम होने तक भूनें।

3.

इसमें चौलाई, नमक, गरम मसाला, लाल मिर्च, धनिया पाउडर डालकर अच्छी तरह मिक्स करें।

4.

इसे मीडियम आंच पर बिना ढके नरम होने तक पकाएं।

 

बनाइये, और खाइये... स्वाद से भरपूर और सेहत के लिए लाभदायक।

सुभद्रामयूर।

Taste with Health

चुकंदर का अचार और उसके फायदे।

                                                        चुकंदर का अचार यूं तो चुकंदर कुछ लोगो को बहुत पसंद होता है कुछ को बिलकुल नहीं, लेकिन...